आज तुम्हारे पास मै आया,
लेकर प्रेम निवेदन,
स्वीकार करो राजकुमारी,
राजकुमार का विनम्र निवेदन।
अगले बरस मै आऊँगा,
अगले बरस मै आऊँगा,
घोड़ी पर ले जाऊँगा।
नही मिली अगर घोड़ी,
गदही से काम चलाऊँगा।।
महाराष्ट्र के नासिक जिलें में मगूर नामक गाँव में दामोदर सावरकर एवं राधा वाई के यहॉं 28 मई 1883 को विनायक का जन्म हुआ।बचपन में माता पिता महाभारत, रामायण, शिवाजी और राणाप्रताप केविषय में बताते रहते थे। उन्होने मित्रमेला नाम की संस्था बचपन में ही बनाई थी और इसके द्वारा क्रान्तिकारी गतिविधियों का प्रचार करते थे। कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के पश्चात कविताएँ लिखने लगे। तिलक जी से परिचय होने के पश्चात सन् 1905 में विदेशी वस्त्रो की होली जलाई। बी0ए0 में अध्ययन के पश्चात सशस्त्र क्रान्ति के लिये अभिनव भारत नाम की संस्था बनाई।
तीनों को बधाई
तीसरे अजय कुमार झा।