हिन्दी साहित्य मंच द्वारा आयोजित होने वाली कविता प्रतियोगिता में शामिल होकर जीतें इनाम । हिन्दी साहित्य मंच की दूसरी कविता प्रातियोगिता सितंबर माह में होने वाली है । इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आप सभी अपनी कविताएं अगस्त माह की आखिरी तारीख तक भेज सकते हैं । कविता के लिए कोई विषय निर्धारण नहीं है । कविता भेजने के लिए ईमेल- hindisahityamanch@gmail.com है ।आप अपनी रचना हमें " यूनिकोड या क्रूर्तिदेव " फांट में ही भेंजें । आप सभी से यह अनुरोध है कि मात्र एक ही रचना हमें कविता प्रतियोगिता हेतु भेजें ।प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाली रचना को पुरस्कृत किया जायेगा । दो रचना को सांत्वना पुरस्कार दिया जायेगा । सर्वश्रेष्ठ कविता का चयन हमारे निर्णायक मण्डल द्वारा किया जायेगा । जो सभी को मान्य होगा । आइये इस प्रयास को सफल बनायें ।हिन्दी साहित्य मंच कविता प्रतियोगिता के माध्यम से हिन्दी के विकास हेतु एक छोटी सी पहल कर रहा है । आप इस इस आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर अपना योगदान दें । भारत जैसे देश में हिन्दी भाषा के गिरते हुए स्तर को बनाये रखने हेतु इस तरह के प्रयास आवश्यक हो गये हैं । एक तरफ तो यह कहते सुनते हुए गर्व जरूर होता है कि हिन्दी विश्व में सबसे ज्यादा बोली वाली भाषाओं में एक है , साथ ही दूसरा पहलू बहुत ही सोचनीय है कि आज हिन्दी बोलने , लिखने और पढ़ने वालों की संख्या दिनों दिन कम हो रही है । ऐसे में अन्तरजाल ( इंटरनेट) की उपयोगिता को ध्यान में रखकर इस माध्यम से हिन्दी साहित्य को एक नया मुकाम अवश्य ही मिलता दिख रहा है ।
संचालक ( हिन्दी साहित्य मंच )hindisahityamanch.blogspot.com
22 August 2009
14 August 2009
जबलपुर रत्न एक नई परंपरा
जबलपुर रत्न एक नई परंपरा
विश्वास की परंपरा को कायम रखने का संकल्प लिए नई दुनिया">नई दुनिया ने जब रत्नों की तलाश शुरू की थी तो लगा था कि शायद व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा की गई कोई शुरुआत जैसी बात होगी ? किंतु जब जूरी ने रत्नों को जनमत के लिए सामने रखा तो लगा नहीं कुछ नया है जिसे सराहा जावेगा आगे चल कर , हुआ भी वही आज मैं जितने लोगों से मिला सबने कहा :"वाह ऐसी व्यक्ति-पूजा विहीन मूल्यांकन की परम्परा ही है विश्वास की परंपरा ओर सम्मानित हुए विशेष सम्मान शिक्षा क्षेत्र : एसपी कोष्टा उद्योग क्षेत्र : सिद्धार्थ पटेल चिकित्सा क्षेत्र : डॉ. सतीश पांडे न्याय क्षेत्र : अधिवक्ता आरएन सिंह पर्यावरण क्षेत्र : योगेश गनोरे
छा गए मंत्री जी भा गए बल्लू
करीब पांच घंटे तक चले आयोजन के दौरान लोगों का मनोरंजन करने के लिए प्रख्यात बाँसुरी वादक बलजिंदर सिंह बल्लू, पॉलीडोर आर्केस्टा के कलाकारों सहित प्रियंका श्रीवास्तव, प्रसन्न श्रीवास्तव, श्रेया तिवारी ने शानदार रचनाएं पेश कर लोगों को मुग्ध कर दिया।बलजिंदर सिंह ने जब बांसुरी से "तू ही रे" और "पंख होते तो उ़ड़ जाती रे" की तान छे़ड़ी तो मेरे मन को किसी भी तरह की बाहरी हलचल बर्दाश्त नहीं हो रही उद्योगमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साबित कर दिया कि वे वास्तव में एक स्थापित कलाकार हैं । मंत्रीजी ने देशभक्ति गीत "कर चले हम फिदा जानो तन साथियों" "छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल" पेश किया। प्रियंका के गीत "बलमा खुली हवा में" से लोग सावन के भीने अहसास में खो गए। जबकि प्रसन्न श्रीवास्तव ने "मेरे महबूब कयामत होगी" सुनाकर लोगों को किशोर कुमार की याद ताजा करा दी।
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संस्कारधानी के सपूत व न्यायविदों की वर्तमान पी़ढ़ी के लिए ऋषितुल्य न्यायमूर्ति जीपी सिंह को पहला "जबलपुर रत्न" सम्मान आज़ सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय रहा नई दुनिया ने इन विभूति का सम्मान कर विश्वास की परम्परा को कायम रखा।
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तरंग प्रेक्षागृह में गुरुवार शाम एक गरिमामय समारोह में जबलपुर रत्न सहित साहित्य-कला, शिक्षा, चिकित्सा, न्याय, समाजसेवा, पर्यावरण, उद्योग, खेल क्षेत्रों की नौ हस्तियों को रत्न सम्मान दिया गया जिनमें । समारोह की अध्यक्षता मप्र उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश जस्टिस आरएस गर्ग ने की, मुख्य अतिथि निर्माता-निर्देशक सुभाष घई थे। इस मौके पर बतौर अतिथि संगीतकार आदेश श्रीवास्तव और निर्देशक विवेक शर्मा के अलावा नईदुनिया समूह के प्रधान संपादक पद्मश्री आलोक मेहता भी विशेष रूप से उपस्थित थे। रूपरेखा की विस्तृत जानकारी स्थानीय संपादक आनंद पांडे ने दी। कार्यक्रम को संगीतकार आदेश श्रीवास्तव और निर्देशक विवेक शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप दुबे व सुरेंद्र दुबे "(सव्यसाची अलंकरण से अलंकृत) "ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन महाप्रबंधक मनीष मिश्रा ने किया।
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संस्कार धानी जबलपुर के नौ रत्न
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जबलपुर के रत्न : साहित्य-डा०चित्रा चतुर्वेदी/कला-अरुण पांडे/समाज-सेवा: पुष्पा बेरी/खेल-रत्न :मधु यादव/शिक्षा रत्न : ईश्वरी प्रसाद तिवारी/उद्योग-रत्न:वी एन दुबे /चिकित्सा-रत्न:डा0 एम० सी० डाबर/न्याय-रत्न :एस सी दत्त/पर्यावरण रत्न: नरसिंह रंगा
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सुभाष घई ने कहा : "बच्चों के मामले सही सोच की ज़रूरत है उनकी प्रतिभा को पहचानिये /आजाद भारत में अंग्रेजियत की सेवा पर टिप्पणी करते हुए सुभाष घई ने कहा गुलामी के दौर में हमने उनकी सेवा की आज पश्चिमी संस्कृति की नक़ल कर उनकी सेवा कर रहें हैं "/अपार संभावनाएं है रजत पट पर प्रतिभाओं की मया नगरी को हमेशा ज़रूरत थी , है और रहेगी ।
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आलेख : गिरीश बिल्लोरे मुकुल / सहयोग श्रीमती सुलभा बिल्लोरे /राजेश दुबे "डूबे जी" एवं शैली खत्री
10 August 2009
06 August 2009
चॉंद का प्यार भी क्या प्यार है ?
आपका ही तो है जो हमें उकसा रहा है,
सोते जागते मुझे भरमा रहा है।
आप कोई खवाब नही तो भुला दिये जाओ,
वो एहसास हो जो सब कुछ भुला जाओं ।।
चॉंद का प्यार भी क्या प्यार है ?
वो प्यार भी चोरी चोरी करता है।
रात की सुगहरात के बाद,
सुबह अपने अग्रज सूरज से डरता है।।
प्यार का एहसास कोई चोरी नही है,
प्यार को स्वीकार करने में चॉद को हिचक कैसी ?
रात स्वप्नो को को परवान चढ़ा कर,
पूरे दिन प्रेयसी को प्रेम विरह में तड़पाते हो।।
है निवेदन आपनी तुलना,
उस निगोड़े चॉद से न करो।
जिसमें प्रेम को,
स्वीकार करने की हिम्मन न हो।।
माना कि तुम वो परवाने हो,
जो जलेगा किन्तु उफ़ तक न करेगा।
मग़र तेरे जलने की गर्मी से,
झुलसेगा मेरा तन।।
आवा़ज की कौंध गुजती कानो में,
लगता कुछ खोया-खोया सा है।
क्योकि मिटती नही कभी महोब्बत,
मिटते है तो सिर्फ मोहब्बत वाले।

सोते जागते मुझे भरमा रहा है।
आप कोई खवाब नही तो भुला दिये जाओ,
वो एहसास हो जो सब कुछ भुला जाओं ।।
चॉंद का प्यार भी क्या प्यार है ?
वो प्यार भी चोरी चोरी करता है।
रात की सुगहरात के बाद,
सुबह अपने अग्रज सूरज से डरता है।।
प्यार का एहसास कोई चोरी नही है,
प्यार को स्वीकार करने में चॉद को हिचक कैसी ?
रात स्वप्नो को को परवान चढ़ा कर,
पूरे दिन प्रेयसी को प्रेम विरह में तड़पाते हो।।
है निवेदन आपनी तुलना,
उस निगोड़े चॉद से न करो।
जिसमें प्रेम को,
स्वीकार करने की हिम्मन न हो।।
माना कि तुम वो परवाने हो,
जो जलेगा किन्तु उफ़ तक न करेगा।
मग़र तेरे जलने की गर्मी से,
झुलसेगा मेरा तन।।
आवा़ज की कौंध गुजती कानो में,
लगता कुछ खोया-खोया सा है।
क्योकि मिटती नही कभी महोब्बत,
मिटते है तो सिर्फ मोहब्बत वाले।
02 July 2009
रास्ते की ईंट
रास्ते की ईंटो से ठोकर खाने वाले बहुत मिलेगे,
मगर इसे रास्ते से हटाने वाले दो चार ही मिलेगे,
कई ऐसे है जो ठोकर खाकर गिरते है,
पर वो भी पिछले ठोकर खाने वाले को,
गाली देकर आगे निकल देता है,
पिछलें कई घन्टो से यह क्रम चला आ रहा है,
आज इनको कई दिन बीत चुके है,
वह ईंट अपनी किस्मत पर इठला रहा है,
लगातार सब ठोकर दे कर वो हँसे जा रहा है।
मगर इसे रास्ते से हटाने वाले दो चार ही मिलेगे,
कई ऐसे है जो ठोकर खाकर गिरते है,
पर वो भी पिछले ठोकर खाने वाले को,
गाली देकर आगे निकल देता है,
पिछलें कई घन्टो से यह क्रम चला आ रहा है,
आज इनको कई दिन बीत चुके है,
वह ईंट अपनी किस्मत पर इठला रहा है,
लगातार सब ठोकर दे कर वो हँसे जा रहा है।
30 June 2009
हास्य कविता - गदही से काम चलाऊँगा
आज तुम्हारे पास मै आया,
लेकर प्रेम निवेदन,
स्वीकार करो राजकुमारी,
राजकुमार का विनम्र निवेदन।
अगले बरस मै आऊँगा,
अगले बरस मै आऊँगा,
घोड़ी पर ले जाऊँगा।
नही मिली अगर घोड़ी,
गदही से काम चलाऊँगा।।
26 June 2009
तीनो को,दौनो को ,बधाइयां
प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा:
हरि भूमि पर रोजिन्ना छपने वाले स्तम्भ में तीन ब्लागों की चर्चा होती है । अपने राम रोजिन्ना ही तीनों ब्लागर्स को बधाई देतें हैं आज भी कट पेस्ट कर दिया । भैया पाबला जी देख्खो न जी का हो गया आज अमर उजाला की में दो ब्लॉगर की चर्चा छपी अपन ने तीन को बधाई दी .........
हरि भूमि पर रोजिन्ना छपने वाले स्तम्भ में तीन ब्लागों की चर्चा होती है । अपने राम रोजिन्ना ही तीनों ब्लागर्स को बधाई देतें हैं आज भी कट पेस्ट कर दिया । भैया पाबला जी देख्खो न जी का हो गया आज अमर उजाला की में दो ब्लॉगर की चर्चा छपी अपन ने तीन को बधाई दी .........
17 June 2009
इस्लाम कबूल न करने पर इसाई युवक का रेप फिर हत्या
इस्लाम कबूल न करने पर इसाई युवक का रेप फिर हत्या
पाकिस्तान में रह रहे एक युवा ईसाई युवक ने जब इस्लाम कबूल करने से इंकार कर दिया तो कुछ लोगों ने न केवल उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया बल्कि उसकी हत्या भी कर दी है। और इस सनसनीखेज मामलें में पाकिस्तान की स्थानीय पुलिस नें ढीला रवैया दिखाते हुए कोई कदम नहीं उठा रहीं है।
मृतक इसाई युवक के परिवार के सदस्यों ने दावा किया है पाकिस्तान में इस्लाम न कबूल करने के कारण रेप के बाद कुछ लोगों ने उसकी हत्या कर दी है।
फॉक्स न्यूज की एक खबर के अनुसार घटना का शिकार युवक के भाई के अनुसार पुलिस ने 28 साल के मासी गौरी का शव पंजाब प्रांत में 15 मई को एक नहर के पास से बरामद किया है। वह पाकिस्तान में सारगोधा विश्वविद्यालय का छात्र था।
रेप के साथ बुरी तरह टार्चर कर हत्या की
गौरी के 24 साल के भाई सलमान नबील गौरी ने बताया है कि उसके भाई को सैक्सुअली प्रताड़ित किया गया और उसके जनन अंगो को चाकूओं से घायल भी किया गया।
मृत युवक द्वारा इस्लाम कबूल ना किए जाने के कारण कम से कम पांच बार बलात्कार की वारदात को अंजाम देने के साथ ही उसकी हत्या कर दी गई।
मृत युवक के परिवार के सदस्यों का मानना है कि मासी गौरी एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था और लड़की के भाई ने अपनी बहन के साथ गौरी को आपत्तीजनक हालत में देख लिया था जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इस वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति का नाम शाजी चिमा बताया जा रहा है।
11 मई को दी थी धमकी
गौरी के एक दोस्त के अनुसार ११ मई को शाजी चिमा २ अन्य लोगों के साथ लिट़टो गौरी के घर आया था और उसने धमकी देते हुए कहा था कि वह इस्लाम कबूल कर लें और उसकी बहन के साथ निकाह कर लें।
निकाह से सहमत लेकिन इस्लाम का विरोध किया था मृतक नें
मृतक गौरी निकाह के लिए सहमत था लेकिन उसने इस्लाम कबूल करने से इंकार कर दिया था जिसके बाद उसका अपहरण बंदूक की नोक पर कर लिया गया था। अपहरण के बाद उसे एक फार्म हाउस पर ले जाकर उसके साथ न केवल रेप की वारदात को अंजाम दिया गया बल्कि उसका कत् ल भी कर दिया गया।
पुलिस ने आत्महत्या करार दिया
स्थानीय पुलिस ने मृतक की बॉडी पाने के बाद इसे आत्महत्या का केस बना दिया है। लेकिन गौरी के भाई का कहना है कि स्थानीय पुलिस इस मामलें में खूनी को पकड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं है और उसके परिवार से मिलने से भी इंकार कर दिया है।
वांशिगटन स्थित पाक दूतावास कों वारदात की जानकारीं नहीं
इधर वांशिगटन स्थित पाक दूतावास के अधिकारियों ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा है कि उनकों ऐसी किसी वारदात की जानकारीं नहीं है लेकिन वे इस मामले पर ध्यान देंगे। अगर वहां ऐसी कोई घटना होने की बात सामने आएगी तो इसकी जांच कराई जाएगी।
साभार - दैनिक भास्कर
पाकिस्तान में रह रहे एक युवा ईसाई युवक ने जब इस्लाम कबूल करने से इंकार कर दिया तो कुछ लोगों ने न केवल उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया बल्कि उसकी हत्या भी कर दी है। और इस सनसनीखेज मामलें में पाकिस्तान की स्थानीय पुलिस नें ढीला रवैया दिखाते हुए कोई कदम नहीं उठा रहीं है।
मृतक इसाई युवक के परिवार के सदस्यों ने दावा किया है पाकिस्तान में इस्लाम न कबूल करने के कारण रेप के बाद कुछ लोगों ने उसकी हत्या कर दी है।
फॉक्स न्यूज की एक खबर के अनुसार घटना का शिकार युवक के भाई के अनुसार पुलिस ने 28 साल के मासी गौरी का शव पंजाब प्रांत में 15 मई को एक नहर के पास से बरामद किया है। वह पाकिस्तान में सारगोधा विश्वविद्यालय का छात्र था।
रेप के साथ बुरी तरह टार्चर कर हत्या की
गौरी के 24 साल के भाई सलमान नबील गौरी ने बताया है कि उसके भाई को सैक्सुअली प्रताड़ित किया गया और उसके जनन अंगो को चाकूओं से घायल भी किया गया।
मृत युवक द्वारा इस्लाम कबूल ना किए जाने के कारण कम से कम पांच बार बलात्कार की वारदात को अंजाम देने के साथ ही उसकी हत्या कर दी गई।
मृत युवक के परिवार के सदस्यों का मानना है कि मासी गौरी एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था और लड़की के भाई ने अपनी बहन के साथ गौरी को आपत्तीजनक हालत में देख लिया था जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इस वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति का नाम शाजी चिमा बताया जा रहा है।
11 मई को दी थी धमकी
गौरी के एक दोस्त के अनुसार ११ मई को शाजी चिमा २ अन्य लोगों के साथ लिट़टो गौरी के घर आया था और उसने धमकी देते हुए कहा था कि वह इस्लाम कबूल कर लें और उसकी बहन के साथ निकाह कर लें।
निकाह से सहमत लेकिन इस्लाम का विरोध किया था मृतक नें
मृतक गौरी निकाह के लिए सहमत था लेकिन उसने इस्लाम कबूल करने से इंकार कर दिया था जिसके बाद उसका अपहरण बंदूक की नोक पर कर लिया गया था। अपहरण के बाद उसे एक फार्म हाउस पर ले जाकर उसके साथ न केवल रेप की वारदात को अंजाम दिया गया बल्कि उसका कत् ल भी कर दिया गया।
पुलिस ने आत्महत्या करार दिया
स्थानीय पुलिस ने मृतक की बॉडी पाने के बाद इसे आत्महत्या का केस बना दिया है। लेकिन गौरी के भाई का कहना है कि स्थानीय पुलिस इस मामलें में खूनी को पकड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं है और उसके परिवार से मिलने से भी इंकार कर दिया है।
वांशिगटन स्थित पाक दूतावास कों वारदात की जानकारीं नहीं
इधर वांशिगटन स्थित पाक दूतावास के अधिकारियों ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा है कि उनकों ऐसी किसी वारदात की जानकारीं नहीं है लेकिन वे इस मामले पर ध्यान देंगे। अगर वहां ऐसी कोई घटना होने की बात सामने आएगी तो इसकी जांच कराई जाएगी।
साभार - दैनिक भास्कर
28 May 2009
जन्म दिवस पर स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर
महाराष्ट्र के नासिक जिलें में मगूर नामक गाँव में दामोदर सावरकर एवं राधा वाई के यहॉं 28 मई 1883 को विनायक का जन्म हुआ।बचपन में माता पिता महाभारत, रामायण, शिवाजी और राणाप्रताप केविषय में बताते रहते थे। उन्होने मित्रमेला नाम की संस्था बचपन में ही बनाई थी और इसके द्वारा क्रान्तिकारी गतिविधियों का प्रचार करते थे। कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के पश्चात कविताएँ लिखने लगे। तिलक जी से परिचय होने के पश्चात सन् 1905 में विदेशी वस्त्रो की होली जलाई। बी0ए0 में अध्ययन के पश्चात सशस्त्र क्रान्ति के लिये अभिनव भारत नाम की संस्था बनाई।6 जून 1906 को कानून की पढ़ाई के लिये लंदन गये , वहाँ इण्डिया सोसाइटी बनाई। मेजिनी का जीवन चरित्र और सिखों का स्फूर्तिदायक इतिहास नामक ग्रंथ लिखा। 1908 में मराठी भाषा में 1857 का स्वातंत्र्य समर लिखा और यह जब्त कर ली गई। इन्ही की प्रेरणासे मदन लाल धींगरा ने कर्जन वायली की हत्या कर दी गई। सन् 1906 में ही राजेश दामोदर सावरकर को लेल भेजा गया और सावरकर बन्धुओं की सारी सम्पत्ति जब्त कर ली गई। कुछ दिनो बाद इग्लैंड से पेरिस गये और वहाँ से पुन: लंदन पहुँचने पर अपनी भाभी मृत्युपत्र नामक मराठी काव्य लिखा।
सावरकर जी को जलयान द्वारा भारत लाये जाते समय फ्रांस के निकट जहाज के आते ही शौचालय से छेकर समुद्र में कूद पड़े परन्तु पुन: पकडे पकड़े गये । बम्बई की विशेष अदालत ने आजन्म कारावास की सजा दी और काले पानी के लिये आंडमान भेज दिया गया। इसी जेल में उनके बड़़े भाई भी बंद थे। जेल में रह कर कमला गोमान्तक और रिहोच्छ्वास काव्य लिखा।
10 वर्ष बाद 1921 में अण्डमान जेल से लाकर रत्नागिरि जेल में उन्हे बंद कर दिया गया। यहाँ हिन्दुत्व, हिन्दूपदपादशाही, उ:श्राप, उत्तरक्रियासठयस्त्र, संयस्त खड्ग आदि ग्रंथ लिखे। हिन्दू महासभा की स्थापना कर शुद्धि का बिगुल फूका और हिन्दी भाषा का प्रचार किया। 10 मई 1934 को यहाँ से वे मुक्त हुये।
महात्मा गांधी की हत्या होने पर उन्हे पुन: बंदी बनाया गया। फरवरी 1949 को ससम्मान मुक्त हुये। 20 फरवरी 1966 को वह देशभक्त बीर संसार से विदा हो गया।
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तीनों को बधाई
तीसरे अजय कुमार झा।