09 June 2010

जय गौमाता जय गोपाला।

जय गौमाता जय गोपाला।दोस्तो क्या ये हमारा वही भारत देश हैं जिसे सोने की चिडिया, देवो का देश कहा जाता था। क्या हम जगतगुरू भारत के निवासी हैं। मैं आज ये लिंक प्रस्तुत कर रहा हूं । देखें और निर्णय करें। राम व कृष्ण की धरती भारत में क्या ये कृत्य सही हैं। कृप्या कर क्लिक करेें भारत देश के नाम के अपमान की जीती जागती तस्वीरों पर visit http://picasaweb.google.com/awbikk/SHInspectionPhotos#
और साथ ही साथ इस पर भी क्लिक करें कि भारत देश में उस उपर के कलंक से बचने के लिए भी कुछ हो रहा हैं। इस प्रकार के सेवा के केन्द्रों का सम्मान अवश्य करना चाहिए। कृप्या कर क्लिक करें।भारत देश का गौरव पुनः पाने के केन्द्र के बारे में जानने के लिएvisit http://www.pathmedagodarshan.org/
mail@pathmedagodarshan.org

तरुण जोशी "नारद"
९४६२२७४५२२, ९२५१९४१९९९, ९८२९९०८३९३,
tdjoshi_narad@yahoo.co.in

7 comments:

सुनील दत्त said...

मेरे भाई धर्मनिर्पेक्षता कतलोगारद का ही दूसरा नाम है।

Godham Mahatirth Anadvan Pathmeda said...

और कहा जाता हैं की भारत हिंदुत्व वादी देश हैं

डॉ. श्रीकृष्ण मित्तल said...

बहुत भ्रान्ति और गप हमारे देश, धर्म, रीती रिवाज, आस्था, पूजा पदिति के विषय में फैली हुई हैं.
वैदिक धर्म अहिंसा, प्रेम, और ज्ञान की शक्ति पर फैला और जो धर्म तलवार या पैसे के जोर पर फैले वो ही आज मानसिक तनाव और द्वेष भावना से पीढित हैं.

राजीव तनेजा said...

बहुत ही बढ़िया जागरूक करने वाली पोस्ट..तस्वीरें देख के तो अच्छे-अच्छे कलेजे वाले भी हिल जाएंगे

गिरीश बिल्लोरे said...

दर्द नाक

महाशक्ति said...

क्षोभनीय, आखिर हम ऐसे कैसे जी सकते है यह सब देखते हुये

Anonymous said...

मित्र तरूण जोशी नारद आप बधाई के पात्र हैं कि आपने देश कि दो परिस्तिथियो को एकिकृत करके जनता के समक्ष प्रस्तूत किया,
साथ ही गोधाम का प्रयास सराहनीय है
और धन्य्वाद आपके सभी साथियो का जिनसे आप्ने ये सुचनाये एक्त्र की