06 September 2010

दिनेश राय द्विवेदी जी मेरा विरोध दर्ज करें…….

श्रीमान दिनेश जी


नमस्कार ...जो कह न सके ब्लोग पर परवेज शर्मा की फिल्म love for jihad की समीक्षा छपी है फ़िल्म का विषय है आज के वातावरण में विभिन्न देशों में मुसलमान समुदाय में समलैंगिक होने का अर्थ. फ़िल्म में भारत, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, तुर्की, मोरोक्को जैसे देशों से मुसलमान समलैंगिक स्त्रियों तथा पुरुषों की कहानियाँ दिखायीं गयीं हैं. यह अपनी तरह की पहली फ़िल्म है क्योंकि ईस्लाम समलेंगिकता को बिल्कुल स्वीकृति नहीं देता और शारिया की बात की जाये, तो बहुत से परम्परावादी मुसलमान समलैंगकिता की सजा मौत बताते हैं. फिल्म के बारे में जानकारी मिली, अच्छा लगा। आपकी निम्न टिप्पणी पढीयहां देखें
पर आपने क्या सोचकर टिपियाया ये तो भगवान जाने ......हिन्दुत्ववादियों और ब्रह्मचारियों का एक बहुत बड़ा वर्ग समलैंगिक है यह सब जानते हैं। अप्राकृतिक मैथुन भारत में कानूनन अपराध है। हालांकि इस अपराध को कानून की किताब से हटाने की मुहिम आरंभ हो चुकी है।
श्रीमान हमारे विचार भले ही न मिलते हों पर मैं आपके लेखन को बहुत सम्मीन से देखता हूं और नियमित रूप से पढा भी हूं....पर आपकी इस  कुत्सित और घृणित टिप्पणी पर मुझे सख्त एतराज है....हिंदी हिंदू और हिंदुस्थान मैं आस्था होने की वजह से मैं भी अपने आपको हिंदु्त्ववादी ही मानता हूं.(या आपकी परिभाषा क्या है उसे स्पष्ट करें)...और देश और धर्म को प्रेंम करने वाले लोगों मैं आपको कितने लोग संमलैगिक दिखाई दिये ये भी स्पष्ट करें....ये कौनसे शोध के बाद आपको पता लगा ये भी बतायें.....क्यों कि अपने देश और धर्म विशेषकर हिंदु धर्म से प्यार करने वाले लोग समलैगिक हो जाते है ऐसा कोई शोध किसी ने किया हो तो वो भी बतायें....

संघ की शाखाओं मैं जाते जाते भारत माता की जय बोलते,वंदेमातरम् गाते स्कूल से लेकर मैडिकल कालेज तक सैंकङो लोगों को मैने जो बनते देखा वो शायद आपके हिसाब से हिंदु्त्व वादी ही होता है....हिंदवः सौदरा सर्वे न हिंदु पतितो भवेत्..मम् दीक्षा हिंदु रक्षा मम् मंत्र समानता,,,,
ये सब करते करते कौई समलैगिक भी बनता है ये आप का निष्कर्ष किन तथ्यों पर आधारित मैं नहीं जानता.कम्यूनिष्टों से नैतिक और  राजनैतिक विचारों का मतभेद जरूर रहा है हमारा भी...पर इसके लिए एक संपूर्ण विचारधारा पर ही इतना गंदा विचार ….भत्सर्ना के लायक है….


आपसे इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं कि जा सकती है....ये टिप्पणी पढकर निश्चित रूप से आपके प्रति सम्मान कम हुआ है मैं स्वीकार करूंगा....
आप कुछ लोगों की वजह से हिंदी ब्लोग जगत मैं एक चमक व्याप्त है....इसे धूमिल न करें
मेरी इस धृष्टता को मुझे आशा है कि आप क्षमा करेंगे और मेरा विरोध भी दर्ज करें...

1 comment:

ePandit said...

हम भी दिनेश जी के उस शोध के बारे में जानने को उत्सुक हैं जिससे उन्हें पता चला कि हिन्दुत्ववादी समलैंगिक हैं।