30 August 2015

धर्म क्षेत्र

  1. इस जन्‍म में कम से कम इतना काम कर लेना चाहिेये, कि मनुष्‍य-जन्‍म से नीची योनि में जन्‍म न लेना पड़े।
  2. अपने घर में अन्न शुद्ध कमाई का होना चाहिये।
  3. धार्मिक पुस्‍तके घर में पड़े पड़े भी कल्‍याण करती है।
  4. स्‍वार्थ और अभिमान का त्‍याग करके अभाग्रस्‍तो को अन्‍न, जल, वस्‍त्रादि देना परम सेवा है।
  5. सत्‍पुरूष ही सत्‍प्रेम कर सकता है।

2 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बड़ी अच्छी बातें कहीं हैं.

Udan Tashtari said...

जी महाराज!!