15 November 2007

औषधिस गुण मुलेठी के

पहिचान

मुलेठी का वैज्ञानिक नाम ग्‍लीसीर्रहीजा ग्लाब्र (Glycyrrhiza glabra ) कहते है। संस्‍कृत में मधुयष्‍टी:, बंगला में जष्टिमधु, मलयालम में इरत्तिमधुरम, तथा तमिल में अतिमधुरम कहते है। एक झाड़ीनुमा पौधा होता है। इसमें गुलाबी और जामुनी रंग के फूल होते है। इसके फल लम्‍बे चपटे तथा कांटे होते है। इसकी पत्तियॉं सयुक्‍त होती है। मूल जड़ों से छोटी-छोटी जडे निकलती है। इसकी खेती पूरे भारतवर्ष में होती है।


औषधीय गुण

मुलेठी खासी, गले की खराश, उदरशूल क्षयरोग, श्‍वासनली की सूजन तथा मिरगी आदि के इलाज में उपयोगी है। इसमें एंटीबायोटिक एवं बैक्टिरिय से लड़ने की क्षमता पाई जाती है। यह शरीर के अन्‍दरूनी चोटो में भी लाभदायक होता है। भारत में इसे पान आदि में डालकर प्रयोग किया जाता है

7 comments:

RC Mishra said...

नमस्कर मानवेन्द्र सिंह जी!
Glycyrrhiza glabra --> ग्लाइसिराइज़ा ग्लाब्रा।
वानस्पतिक नामों मे Genus का पहला अक्षर Capital और species का हमेशा small रखा जाता है।

काकेश said...

अच्छी जानकारी.

Manvendra Singh said...

नमस्‍कार रामचन्‍द्र जी,

आपके निर्देशानुसार परिवर्तन कर दिया है, सुझाव के लिये धन्‍यवाद।

काकेश जी आपका भी।

अनुनाद सिंह said...

जानकारी अच्छी लगी। पोटो भी अति सुन्दर लग रहे हैं।

Anonymous said...

Отличная статья! большое спасибо автору за интересный материал. Удачи в развитии!!!
http://www.miriadafilms.ru/
mahashaktigroup.bharatuday.in

Anonymous said...

Почему регистрация не работает ?

anshul soni said...

क्या मधुमेह के रोगियों के लिए मुलेती लाभदायक है?