20 November 2008

एक मंत्री की डायरी

कही महीनो से दिन का चैन रातो की नींद उडी हुई है. हर समय दिल मे डर लगा रहता है कि कही कोई किसी से बात करते मिलते ना देख ले . फ़ोन पर तो नंबर डायल करने के ख्याल से ही झुरझुरी आ जाती है. और ऐसे मे अनूप जी चैटियाने आ जाते है काहे नही लिख रहे भाई लिखो . अब उन्हे कौन समझाये कि उनसे बात करने के बाद लिखने के लिये हिम्मत कहा से लाये क्या पता कल कही कोई ए टी एस (एशिया टेरोरिस्ट स्पोर्टिंग स्कवाड) वाला आरोप लगा दे कि मै अनूप जी से बम बनाने का तरीका सीख रहा था तो …कुश को कौन समझाये कि भाई सारी मुलाकाते नारकीय टेस्ट मे भूल जाओगे.

डर के मारे इस बार दिवाली मे बम तो छोडिये सुरसुरी से भी अपन मीलो दूर ही बने रहे, यू तो फ़रीदाबाद मे रहना ही अपने आप मे आतंकवादी घोषित करने के काफ़ी बडा सबूत है.(ए टी एस हर बार किसी ना किसी के संबंध फ़रीदाबाद से ढूढ ही लेती है) उस पर हिंदू होना कोढ मे खाज जैसा .तिस पर आपको किसी मंदिर मे , किसी पुजारी , किसी पुरोहित से बतियाते हुये दिख जाना , और गलती से किसी फ़ौजी से आपकी दो चार साल पहले की भेट , चाहे वो ट्रेन मे हुई हो काफ़ी बडा सबूत है बाकी तो आप नारकीय टेस्ट मे स्वीकार ही लेगे. वो तुरंत आपके ब्रेन को मापकर उसमे वो खाली करदी जायेगी जहा से आप किसी आतंकवादी को आतंकवादी कहने की जुर्रत कर रहे थे.

और इस हाल मे हमे ये एक डायरी हाथ लग गई. कई दिन से सोच रहे थे आपको पढाये या ना पढाये .

आखिर कार हमने फ़ैसला कर ही लिया कि हम

१. हिंदूधर्म छोड देते है. अब हम एक धर्मविहीन अल्पसंख्यक प्राणी है. जो हमे अच्छा पैसा देगा हम उसी धर्म के अल्पसंख्यक कहलाने लगेगे.

२. अब हम कोई देश प्रेम फ़्रेम के चक्कर मे नही है. रहेगे यही ,खायेगे यही, नागरिक कहलायेगे यही के, पर जो देश अच्छा पैसा देगा उसी के लिये काम करेगे

३.कोशिश करेगे की हम नेता बन जाये तब उपर वाली दोनो शर्ते स्वंमेव पूरी हो जाती है

यानी अब जब हम इस देश और धर्म से कुछ लेना देना नही है यानी हम अल्पसंख्यक हो गये है. यानी अब हम मानव हो गये है अब हमे मानवाधिकार और अल्पसंख्यक आयोग का वरद हस्त प्राप्त है.अब हमे किसी से कोई खतरा नही है . अब हम आपको ये डायरी क्या बम बनाना भी पढवा सकते है. तो लीजीये पेश है डायरी के कुछ चुनिंदा अंश

“पता नही ये सब क्या चल रहा है जो मै चाहता हू उसमे हमेशा कुछ ना कुछ गडबड हो ही जाता है , अच्छा खासा सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था . महीनो बाद मेरे नये सिले सूट भी जनता को दिखाने का मौका भी खूब मिल रहा था. रोज कही ना कही बम विस्फ़ोट हो रहे थे. जितने नागरिक मर रहे थे उससे ज्यादा बंगलादेश से रोज आ ही जाते है अत: अपने पाले के वोटरो की गिनती मे भी लगातार बढ रही थी.

लेकिन अचानक शनि महाराज मेरे से रुष्ट हो गये लग रहे है तभी तो कमबख्त मीडिया वाले तो मेरे नये सिले सूटॊ की बखिया उधेडने के पीछे ही पड गये थे वो तो महारानी का वरदहस्त मेरे उपर था वरना ये तो …..ये तो मेरे ही सूटो मे ही मेरी कुर्सी की कब्र खोद देते.

फ़िर जाने कैसे दिल्ली के एक इंस्पेक्टर को जनून सवार हो गया जो बिना मतलब कुछ सीधे साधे लोगो को गिरफ़तार करने जा पहुचा. हालाकी जैसे ही मुझे पता चला मै खुद पुलिस कंट्रोल रूम दौडा पर मेरे रोकते रोकते भी दुर्घटना घट ही गई . उन बेचारे सीधे साधे लागो को अपनी गिरफ़्तारी से बचने के लिये गोली चलाने पर मजबूर होना पडा .देश के दो होनहार बालक और एक नालायक पुलिस वाला मारा गया.कमबख्त को ये भी नही ध्यान रहा हम इन्डियन मुजाहीद्दीन , सिमी और ऐसे ही अफ़जल भाई के सहयोगी लोगो को अनदेखा करने की नीती पर चल रहे है. देश और विदेश मे मेरी काफ़ी भद पिट गई. पहले ही पूरी दुनिया मे मोदी की वजह से हमे नीचा देखना पड रहा था. कितनी बार मना किया कितनी बार मोदी सरकार द्वारा पकडे गये सिमी के लोगो के घर जाकर हमे लाखो रूपये देकर आने पडे, पर इनकी समझ मे बात आने वाली नही है. खैर .. इस दिल्ली के बटाला कांड से तो महारानी भी काफ़ी नाराज हुई चुनाव पास है, और ऐसे मे कुछ सीधे साधे लोगो का पुलिस द्वारा मारा जाना हमे काफ़ी नुकसान पहुचा सकता है . अफ़जल भाइ भी काफ़ी नाराज थे उन्होने तो जूस का ग्लास भी मेरे मुंह पर फ़ेक मारा. गिलानी तो पहले से ही भारत रत्न ना मिलने से नाराज चल रहे है.

इधर राज ने कुछ बवाला कर जरूर मेरा साथ दिया लोगो का ध्यान मुंबई की और खीच लिया . बस अब भगवान से यही प्रार्थना करता हू कि किसी तरह से ये हिंदू आतंकवादियो की और दुनिया का ध्यान आकर्षित कर सकू . पिछले दिनो मैने पुलिस द्वारा गलतफ़हमी मे पकड लिये गये लड्डूवाला, बम वाला और बाटली वाला कॊ छुडवा दिया है. ताकी बटाला हाऊस के घावो पर मरहम लगाया जा सके उम्मीद है चुनाव से पहले हम नागौरी को भी बाईज्जत बरॊ कराकर जो लोग बम धमाको मे मरे अपने रिश्तेदारो के लिये अल्प संख्यको पर उंगली उठा रहे है, को ही बम धमाको के लिये ए टी एस द्वारा जिम्मेदार ठहरा कर नारकीय टेस्ट के भंवर मे फ़सा देंगे. ताकी भविष्य मे कोई कभी भी बम कांडो के खिलाफ़ आवाज ना उठा सके. कोशिश तो यही रहेगी की पाकिस्तान मे हुये बम विस्फ़ोटो के लिये भी हम हिंदू संस्थाओ और सेना को जिम्मेदार बता सके , और हो सके तो कुछ लोगो का नारको टेस्ट कर उन्हे पाक के हवाले करदे .

ये तो अमेरिकी प्रशासन की बेवकूफ़ी से सारी मेहनत मटियामेट हो गई वरना ए टी एस ने तो जाच पडताल कर अमेरिका के ट्विन टावर के गिराये जाने की घट्ना मे जिम्मेदारी सेना और हिंदू आतंकवादियो के कई लोग भी गिरफ़्तार कर लिये थे. उन्होने से नारकीय टेस्ट मे सच भी उगल दिया था कि उन लोगो ने ही सेना के चुराये गये परमाणू बम से ट्विन टावर गिराने की योजना को अंजाम दिया था. हम तो उन्हे सारे आरोपी भी सोपने को तैयार थे . लेकिन वो इस केस मे लादेन जैसे सज्जन को ही फ़साना चाहते है.

अब तो सिर्फ़ ए टी एस एस ( आल टेरोरिस्ट स्पोर्टिंग स्कवाड) पर ही भरोसा है. वही महारानी के इरादो पर खरी उतरती दिखाई दे रही है. सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले दिनो मे लोग देश भक्ती दिखाना दूर अपने को हिंदू बताना भूल जायेगे . हम तो पहले ही कोर्ट मे हलफ़नामा दे चुके है कि कोई राम ना यहा था, ना है, ना ही हम रहने देगे. चर्च जिंदाबाद इटली जिंदाबाद. धर्म निर्पेक्षता जिंदाबाद.

महारानी चाहती है कि माहौल कुछ ऐसा बने की चुनाव से पहले हम भी घोषणा कर सके कि अब सेना मे केवल मुस्लिम और इसाई समुदाय से ही भर्ती की जायेगी ताकी सेना का वातावरण धर्म निर्पेक्ष बन सके . इसमे भी बंगलादेशी और पाकिस्तानी नागरिको के लिये आरक्षण का प्रविधान रखा जायेगा . इसके लिये लादेन जी और अलजवाहिरी जी से भी राय ली जा रही है.

हम भी चाहते है कि इस बार हम कोई कडा कानून आतंवादी गतिविधियो को रोकने के लिये बनाये जिसमे

१.मरने वालो के उपर ही जिम्मेदारी डाली जाये कि वो वहा गये ही क्यो थे.

२किसी हालत मे अल्प संख्यको को किसी भी प्रकार की असुविधा नही होने दी जाये . यदि कोई भी किसी प्रकार की पूछताछ उनसे की जानी हो तो पहले मानवाधिकार आयोग और अल्प संख्यक आयोग से अनुमति लेकर ही कीजाये.

३.किसी भी बहुसंख्यक को किसी धर्माचार्य , सेना के किसी भी वयक्ती से मिलने पर संदेह मे कभी भी कही भी जांच के लिये गिरफ़्तार करने के लिये खुली छुट दी जायेगी.

४. वैसे तो पिछले साठ सालो मे हम भारत मे जनता का जीना ही नरक मे जीने के समान कर चुके है , लेकिन फ़िर भी साईबेरिया की तरह नारकीय टेस्ट के लिये भारत मे भी एक जगह सुरक्षित की जायेगी और तब जो देशभक्ती दिखायेगा उसे नारको टेस्ट के नाम पर फ़िरदौस लैण्ड भेज दिया जाये.

४. फ़िरदौस लैंड मे सारे टेस्टो की जिम्मेदारी सिमी जैशे मोहम्मद और इन्डियन मुजाहीदीन के हवाले कर दीजायेगी. जहा मानवाधिकार आयोग ये देखेगा कि टेस्ट के लिये आये बहुसंख्यक जैशे मुहम्मद सिमी के अधिकारो का उलंघन ना कर रहे हो.

५.बहुसंख्यक के धर्म परिवर्तन के लिये सरकार अल्पसंख्यको को विषेश अनुदान देगी. सभी बहुसंख्यक धर्मालयो मे आने जाने पर विभिन्न प्रकार के टैक्स लगाकर जिससे अल्प संख्यको को उनके धर्मालयो मे आने जाने के लिये सहायता प्रदान की जाती है का दायरा बढाकर उनके घरो मे पूजन करने पर भी टैक्स लगाया जायेगा.

६.हमे हर हाल मे धर्म निरपेक्ष दिखना है और उसके लिये हमे सिमी इंडियन मुजाहीदीन जैसी ताकतो की सहायता के लिये विषेश अनुदान तथा देश भक्त ताकतो को जड से उखाड फ़ेकने के लिये हर संभव प्रयत्नो के लिये तैयार रहना होगा.

७. बम फ़ोडने वालो के सरकार विषेश ट्रेनिंग विदेश भेजकर सरकारी खर्चे पर दिलवायेगी .बम विस्फ़ोटो मे किसी भी प्रकार की अडचन डालने वालो पर श्री सच्चर साहब के नेतृत्व मे एक विषेश आयोग बनाकर मुकदमे चलाये जायेगे.

८. कशमीर की तरह हिंदुओ को भगाने के लिये अल्पसंख्यको को विषेश सैन्य बल बनाकर दिया जायेगा और उनके समान परिवार पर भगाने वालो को मालिकाना हक दिया जायेगा.

मै जानता हू इस सब मे वक्त लगेगा लेकिन इंशा अल्ला आने वाले साले मे हम ये कर गुजरेगे, और पूरे भारत मे हिंदू नाम पर कोई बोलने वाला नही होगा. आमीन

2 comments:

विशाल कुमार मिश्रा said...

कहॉं से सोचते है ?

वाकई पढ़कर बहुत मजा भी आया

चन्दन चौहान said...

अगर गिरफतार किया गया तो सबसे पहले मुझे ही किया गया हू क्यों कि जब से हिन्दु के उपर आंतकवादी होने का इलजाम ठोका गया है सबसे ज्यादा इस मुद्दे पर में ही लेख लिखा हू